अपराधों पर कैसे लगेगा अंकुश

Today Uttar Pradesh News How crimes will be curbed

कोविड-19 महामारी से पूरा देश ही नहीं पूरी दुनिया लड़ रही है. उत्तर प्रदेश में एक के बाद एक लगातार हो रही अपराधिक घटनाएं और चिंता का विषय बनती जा रही हैं. शेष देश में भी अपराध निरंतर बढ़ती जा रही है, उनकी रोकथाम,  नियंत्रण और प्रबंध के नाना प्रयासों के बावजूद हम काबू नहीं पा रहे हैं.

संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार कानून और व्यवस्था राज्य का विषय है और उनकी सरकारों के रहते केंद्र उसमें दखल नहीं दे सकता है. राज्यों में निर्णय प्रक्रिया में सर्वोच्च स्थान निर्वाचित प्रतिनिधियों का है.

और इन प्रतिनिधियों में अपराध किस्म के व्यक्तियों की संख्या बढ़ती जा रही है. इस लिहाज से कोई बड़ा फैसला राजनीतिक अनिच्छा से संभव नहीं हो पाता है. इससे अपराध पर अंकुश लगाना बड़ा मुश्किल हो जाता है.

कई राज्यों में यहां तक की खबरें आती हैं के प्रतिनिधियों और सत्ता के संचालक अपराधी से से खास लगाव रहता है. वर्तमान समय में कई मुख्यमंत्री और मंत्री तक अपराधिक कार्यों के लिए जेल में बंद है.

अपराधों के नियमन व नियंत्रण की व्यवस्था को समाजशास्त्रीय विवेचना के मुताबिक किए बिना अपराधों पर अंकुश भी कोई भी परिकल्पना सार्थक नहीं हो सकती है.

सिर्फ नारों से अपराध नहीं रोके जा सकते हैं उसके लिए वास्तविक धरातल पर कड़े कानून और उनका परिपालन बनाना होगा.

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