प्यार में कभी कभी उपहार भी दिया करें…

Give me a gift sometimes in love

उपहार. तोहफा. गिफ्त. यह शब्द सुनते ही हर किसी के कान खड़े हो जाते हैं. प्रेम के संबधों में एक नई ऊर्जा आ जाती हैं. प्रेम का इजहार तोहफों में छिपा होता हैं. अगर किसी प्रेमी को उपहार देने की बातें आती हैं. तो मन में मयूर नाचने लगता हैं.

परंपरा है उपहार

असल में उपहार दूसरों को दी जाने वाली वस्तु ही नही, एक भारतीय परंपरा भी हैं. अगर आप किसी को उपहार देते हैं, तो बिना शब्दों के साथ एक संवाद तो होगा ही प्यार भी बढ़ेगा.

जोड़ना या जुड़ना

अगर ये कहा जाए कि उपहार मनोवैज्ञानिक हैं. तो गलत नहीं होगा, क्योंकि इसका कार्य ही होता हैं जोड़ना या जुड़ना. उपहार देने से संतुष्टि की भावना फलीभूत होती हैं. अग्रेजी में एक कहावत है, ‘इटस वेटर देन गिव रिसीव’.

क्यो है जरुरी

तमाम शोधों से यह पता चलता हैं, कि किसी को उपहार देने पर वह बहुत खुश होता हैं. शरीर से एंडोर्फिन हार्मोन यानि खुशी का हार्मोन निकलता है. इससे आपका रिश्ता और अधिक मजबूत हो जाता हैं.    

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