मक्कार! चीन से दोस्ती न बाबा न

cunning! No friendship with China Modi Jawaharlal Nehru

महामारी के दौर में भी चीन अपने ओछी मानसिकता से बाज नहीं आ रहा, बीते दिनों अक्साई चिन में स्थित गालवन घाटी में चीनी सैनिकों ने अवैध रूप से टेंट लगाकर अपने सैनिकों में बढ़ोतरी की है। इससे दोनों देशों की सेनाएं आमने- सामने आ गई और झड़प की भी सूचना हैं। पूरी दुनिया जब अप्रत्यक्ष हमले से लड़ने में बिजी है, तब चीन को भारत से खतरा मोल लेने की जरूरत क्यों? भारत का जवाब आप कैसा चाहते है? बताए।

चीन द्वारा बार-बार जवाहर लाल नेहरू और झोउ एनलाई के द्वारा हुए साल 1954 के समझौतें पंचशील सिद्धांत का नारा “हिंदी-चीनी भाई-भाई” का खुला उल्लंघन करता आया है। इस समझौता के पीछे कारण था, हजारों साल से स्वतंत्र तिब्बत।

साल 1950 में चीन ने तिब्बत पर आक्रमण कर दिया। इसके बाद दोनों देशों ने अपनी अपनी सीमाएं की रूप रेखा बनाई।समझौते के बाद गलती की शुरूवात चीन ने साल 1962 से की।

जिसमें उसे मुंह की खानी पड़ी। साल 1976 तक दोनों देशों के बीच तनाव रहे, कॉग्रेस की सरकार जाते जाते भारत ने चीन के प्रति फिर से रवैया बदलना शुरू किया। समय आया कांग्रेस ने भी रवैया बदला । साल 1988 में प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने चीन का दौरा किया। इसके बाद साल 2003 में भारतीय प्रधानमंत्री वाजपेयी ने भी चीन का दौरा किया। दोनों देशों ने फिर से सिद्धांतों और व्यापक सहयोग पर घोषणा की।

साल 2015 में प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच संबंधों में एक नई क्रांति ला दी। भारत और चीन दोनों आपस में राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक सहित कई विषयों पर समझौते करने लगे। लेकिन चीन की मक्कारी चलती रही, इसी का परिणाम हुआ की सीमा विवाद, जैसे- पैंगोंग त्सो मोरिरी झील का विवाद 2019, डोकलाम गतिरोध 2017, अरुणाचल प्रदेश में आसफिला क्षेत्र पर विवाद हुए हैं।

इसके अलावा परमाणु आपूर्तिकर्त्ता समूह में प्रवेश गतिरोध, आर्थिक गलियारा, सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर चीन द्वारा पाकिस्तान का बचाव एवं समर्थन करता आया है। भारत का हिंद-प्रशांत महासागरीय क्षेत्र में हिस्सेदारी को लेकर चीन ने कई बार सवाल उठाया है।

चीन के पापों की जर्नी बहुत बड़ी है, लगता हैं, की भविष्य में चीन तीसरे विश्व युद्ध का आश्वासन दे रहा रहा है। आज जो गलती चीन कर रहा है, इससे पहले यही गलती जर्मनी ने की थीं। इसके बाद जो हाल जर्मनी का हुआ, वह अच्छे तरीके से जर्मनी जानता है।

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