लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों के लिए मिनिमम रिटर्न की जानकारी देना अनिवार्य

लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों को अब पॉलिसी खरीदने वालों को पॉलिसी से मिलने वाले मिनिमम गारंटीड रिटर्न की जानकारी देना अनिवार्य कर दिया जा रहा है। यानि अगर कोई व्यक्ति लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी लेता है तो इंश्योरेंस कंपनी उसे यह बताएगी कि पॉलिसी मैच्योर होने पर उसे मिनिमम गारंटीड रिटर्न के साथ कितनी राशि मिल सकती है। यह नियम 1 दिसंबर से लागू हो जायेगा।

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लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों को अब पॉलिसी खरीदने वालों को पॉलिसी से मिलने वाले मिनिमम गारंटीड रिटर्न की जानकारी देना अनिवार्य कर दिया जा रहा है। यानि अगर कोई व्यक्ति लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी लेता है तो इंश्योरेंस कंपनी उसे यह बताएगी कि पॉलिसी मैच्योर होने पर उसे मिनिमम गारंटीड रिटर्न के साथ कितनी राशि मिल सकती है। यह नियम 1 दिसंबर से लागू हो जायेगा।

ये होगा फायदा
इंश्योरेंस सेक्टर के रेगुलेटर इरडा की ओर से अभी पॉलिसी लेने वाले को मिनिमम गारंटीड रिटर्न बताने का प्रावधान है, लेकिन यह अनिवार्य नहीं है। अगर पॉलिसी लेने वाला इस बारे में पूछता है तो कंपनियां उसे बताती हैं। लेकिन 1 दिसंबर से यह जानकारी देनी अनिवार्य हो जाएगी। लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों को भेजे पत्र में इरडा ने कहा है कि यह कंपनियों का कर्तव्य है कि वे पॉलिसी खरीदने वाले व्यक्ति को पॉलिसी से संबंधित जानकारी दें।

कंपनियों को यह भी बताना होगा कि पॉलिसी के मैच्योर होने पर कितना गारंटीड रिटर्न मिलेगा। इससे पॉलिसी लेने वाले व्यक्ति को मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशि को लेकर भ्रम नहीं होगा और वह यह तय कर सकेगा कि पॉलिसी उसके लिए बेहतर है या नहीं। इंश्योरेंस सेक्टर के एक्सपर्ट विजय सिंह का कहना है कि अगर इरडा ने इस बारे में कोई फैसला लिया है तो निश्चित तौर पर यह ग्राहकों के लिए फायदेमंद होगा। अब इंश्योरेंस कंपनियां मिनिमम गारंटीड रिटर्न को लेकर गलत जानकारी ग्राहकों को नहीं दे सकेंगी।

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